झूलनी का रंग सांचा, हमार पिया |

 झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया |

झुलनी में गोरी जगा,

हमर जिया ||


अंतरा – 

कौन सोनरवा बनायो रे झुलानिया,

रंग पड़े नही कांचा,

हमार पिया ||

झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया || 


सुघर सोनरवा बनायो रे झुलनियाँ,

दे अगिनी का आंचा,

हमर पिया |

झूलनी का रंग सांचा

हमार पिया ||


छिति, जल, पावक, गगन समीरा,

तत्व मिलाय दियो पांचो,


हमर पिया |

झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया ||


पञ्च रतन से बनी रे झुलनियाँ,

जोई पहिरा सोई नाचा,

हमर पिया |

झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया ||


जतन से रखियो गोरी रे झुलनियाँ,

गूंजे चहुँ दिसी नाचा,

हमर पिया |

झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया ||


टूटी झुलानिया बहुरि नाही बनिहे,

फिर न मिले ऐसा ढाँचा,

सांच

हमर पिया |

झूलनी का रंग सांचा,

हमार पिया ||

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