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Showing posts from December, 2025

आन मिलो सजना सजना रे

 आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना अंखियों में ना आये नींदियाँ अंखियों में ना आये नींदियाँ मोहे न भाये काजल बिंदिया सुना पड़ा अंगना अंगना सुना पड़ा अंगना अंगना सुना पड़ा अँगना रे अँगना रे आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना चंदा आये तारे आये चंदा आये तारे आये आने वाले सारे आये आने वाले सारे आये आये तुमहि संग न संग न सान्ग न संग न आये तुमहि संग न सान्ग न आये तुमहि संग न आन मिलो सजना सजना रे आन मिलो सजना बाईट जाए यूँही उमरिया किस रंग से मैं रंगु चुनरिया किस रंग से मैं रंगु चुनरिया भाये कोई रंग न भाये कोई रंग न रंग न रंग न भाये कोई रंग न रंग न भाये कोई रंग न रे आन मिलो सजना सजना आन मिलो सजना सजना सजना सजना आन मिलो सजना सजना आन मिलो सजना सजना.

कवनी नगरीया मोरा सईया जी के डेरा सखी हो -2

 कवनी नगरीया मोरा सईया जी के डेरा सखी हो -2 कइसे जईबे ना अनजानी रे डगरिया राम -2 अबले त रहनी हमहु बारी रे अनारी राम-2 अबले त रहनी -3 सखी हो भारी भइली ना हमरी -2 चढली उमिरीया राम -3 कवनी नगरिया मोरा सइया जी के डेरा...... कलना पडेला निसदीन कसकेला जियरा राम-2 कलना पडेला -3... बिरही नैना ना बरसे सखी हो -2 आठो रे पहरीया राम बिरही नैना ना बरसे कवनी नगरिया मोरा......... जईसे बडेला तिन तिन दुईजी के चंदा -2 जईस बडेला -3 सखी हो ओईसे बढे ना हमरा -2 बिरह के घडीया राम-2 कवनी नगरीया........

उद्धव अब के गए कब अईहो -२

 उद्धव अब के गए कब अईहो -२ हाँ..... हो अब के गए कब अईहो -2 उद्धव अब के.......... सावन में हरियावन कहिगे भादव भूलि न जाईहो ।     क्वार मास मा हरि नहि आये कपटी मित्र कहईहो।।         उद्धव अब के..........         कातिक पाती लिखी कामिनी अगहन बांस सुनहईहो।     पूस मास बहु पाला पड़त है कहिके गले लपटईहो।।     उद्धव अब के..........      माहे मारि गये हरि हमका फागुन रंग उड़ाईहो।     चैत मास बन फुलै चमेली कहके गले पहिरईहो।। उद्धव अब के..........      बैसाखै लूक लगै तन मेरो जेठे तपन बुझईहो।     मास आषाढ़ पूर भई आशा सूरदास यस गइहो।। उद्धव अब के..........                                                                     निर्देशक ; श्री राजेंद्र बहादुर सिंह ,श्री राजेंद्र सिंह (...

ओ पिया पनिमा ने जै हों, नजर लागी

मोरी लाली चुनरिया के कोर कारी, पिया, पिया ना जाबे नजर लागी। ओ पिया पनिमा ने जै हों, नजर लागी ① चाहे तो सास रानी तुम भर लइहो। चाहे लगा लइयो, पनहारिन  पिया पनिया....  ② चाहे नंनद रानी तुम भर लरहो, चाहे लगा लइयो, पनहारिन चहे ससुर राजा तू भरि लाबा, चाहे लगावा कहांर बारी, पिया पनिया ना जाबे नजर लागी । चाहे सासु रानी तू भरि लाबा, चाहे लगावा कहांर बारी, पिया पनिया ना जाबे नजर लागी । चाहे जेठ राजा तू भरी लाबा, चाहे लगाबा कहांर बारी, पिया पिया ना जाबे नजर लागी । चाहे जेठी रानी तू भरी लाबा, चाहे लगाबा कहांर बारी, पिया पिया ना जाबे नजर लागी ।