कवनी नगरीया मोरा सईया जी के डेरा सखी हो -2

 कवनी नगरीया मोरा सईया जी के डेरा सखी हो -2


कइसे जईबे ना अनजानी रे डगरिया राम -2


अबले त रहनी हमहु बारी रे अनारी राम-2 अबले त रहनी -3


सखी हो भारी भइली ना हमरी -2


चढली उमिरीया राम -3


कवनी नगरिया मोरा सइया जी के डेरा......


कलना पडेला निसदीन कसकेला जियरा राम-2 कलना पडेला -3...


बिरही नैना ना बरसे सखी हो -2


आठो रे पहरीया राम बिरही नैना ना बरसे


कवनी नगरिया मोरा.........


जईसे बडेला तिन तिन दुईजी के चंदा -2 जईस बडेला -3


सखी हो ओईसे बढे ना हमरा -2


बिरह के घडीया राम-2


कवनी नगरीया........

Comments

Popular posts from this blog

मोर सैया तो हैं परदेश में क्या करूँ सावन को

सोने वाले जाग जा संसार मुसाफिर खाना है,

बसो मोरे नैनन में नंदलाल।